Monday, 27 January 2014

ब्डग्रुप के अनुसार डाइट

हम जो भी खाते है वो हमारे शरीर के रसायनो के साथ मिलकर प्रतिक्रिया करता है,इसका असर हमारे मन,शरीर पर अलग–अलग तरह से होता है।
हर व्यक्ति की आधारभूत संरचना अलग होने के कारण उनके शरीर की भोजन की मांग भी अलग होती है।
ब्लडग्रुप के अनुसार डाइट लेने से जो एंटीजन  हमारा शरीर बनाता हैऔर जो भोजन से प्रोटीन लेक्टिन प्राप्त होते है दोनों मिलकर हमारी रक्षा प्रणाली को बढा देते है।
हमारे ब्लडग्रुप को चार भागों में भिाजित किया गया है ओ,ए,बी,और एबी।
सभी ग्रुप के अनुसार अनुकूल डाइट को भी तीन भागों में बांटा गया है।
पहला– शरीर को अत्याधिक लाभ पहॅुंचाने वाला।
दूसरा–ऐसा भोजन जो शरीर को नुकसान नही पहुचाता।
तीसरा– ऐसा भोजन जो हमारे शरीर को नुकसान पहॅुंचाता है जो हमें नहीं लेना चाहिए।
 ब्लड ग्रुप– एसिड का मात्रा अधिक होती है गरीष्ठ भोजन मीठ मांस आसानी से पचा सकते है।
आलिव ऑयल,कददू के बीज,बीन्स,राजमा,पत्तेदार सब्जी,साग,पालक,अरबी,कददू,लहसुन,आलूबुखारा,अजमोद,सोडा आदि खाना चाहिए।

.................................शेष अगले ब्लॉक में.....................................

Wednesday, 22 January 2014

शराब छोड़ने के उपाय



1) कहतें हैं कि शराब पीने की जिसे आदत पड़ जाती है, आसानी से नहीं छुटती, लेकिन होम्योपेथी में सेलेनियम-30 एक ऐसी दवा है, जिसके कुछ दिनों का सेवन करने के बाद शराब पीने वाले को शराब खराब लगने लगती है! एक दिन में तीन बार सेवन कि गई पहले दिन कि खुराकें ही आश्चर्यजनक लाभ पहुंचाती है और शराब पीने कि इच्छा समाप्त हो जाती है! पूरा लाभ पाने के लिए कुछ दिनों तक नियमित सेवन कराएं!

2) सेब का रस बार बार पीने से और भोजन के साथ सेब खाने से भी शराब कि आदत छुट जाती है! यदि उबले हुए सेबों को दिन में तीन बार खिलाया जाए, तो कुछ ही दिनों में शराब पीने कि लत छुट जाती है!

3) 500 ग्राम नई देसी अजवाइन को पीसकर उसे 7 लीटर पानी में दो दिन के लिए भिगो दें! फिर धीमी आंच पर इतना पकाएं कि पानी लगभग 2 लीटर रह जाए!
ठंडा होने पर छान कर बोतल में भर दें! शराब कि तलब लगने पर 5 चम्मच कि मात्रा में पीते रहने से भी शराब पीने कि आदत छुट जाती है!

4) शराब छुड़ाने में एक दवा ऐकेम्प्रोसेट ईजाद हुई है! इसे अब तक दस लाख से ज्यादा लोगों ने इस्तिमाल किया है और बेहतर परिणाम मिले हैं! इस दवा को फ्रांस में लें स्थित 'लिफा एस.ए कम्पनी ने बनाया है! फिलहाल ये दवा एशिया, यूरोप, दक्षिणी अमेरिका आदि के देशों में आसानी से उपलब्ध है!

सीने में दर्द के कारण



छाती दर्द का सबसे बड़ा कारण छाती की अंदरूनी दिवारों में सूजन का होना है। होता यह है जब फेफ़डे के ऊपरी सतह पर स्थित झिल्ली में सूजन आ जाती है तो छाती की अंदरूनी दीवार में स्थित सूजी हुई सतह से साँस लेते वक्त हवा रगड़ खाती है तो असहनीय दर्द होता है। इस अवस्था को मेडिकल भाषा में प्ल्यूराइटिस कहते हैं। यह प्ल्यूराइटिस छाती में पानी इकट्ठा होने का शुरूआती संकेत है। देश में प्ल्यूराइटिस का ज्यादातर कारण टीबी का इंफेक्शन होता है। लोग छाती दर्द के लिए दर्द निवारक गोलियों का सेवन करते रहते हैं और सही जाँच व इलाज के अभाव में समस्या को और गंभीर बना देते हैं। अगर प्ल्यूराइटिस की समस्या को सही समय पर नियंत्रित न किया गया तो छाती में फेफ़डे के चारों ओर पानी इकट्ठा हो जाता है। टीबी के अलावा न्यूमोनिया का इंफेक्शन भी इस अवस्था को पैदा कर देता है। इस तरह की समस्या पर किसी थोरेसिक सर्जन यानी चेस्ट सर्जन से परामर्श लें।