छाती दर्द का सबसे बड़ा कारण छाती की अंदरूनी दिवारों में सूजन का होना है। होता यह है जब फेफ़डे के ऊपरी सतह पर
स्थित झिल्ली में सूजन आ जाती है
तो छाती की
अंदरूनी दीवार में स्थित सूजी हुई सतह से साँस लेते वक्त हवा रगड़ खाती है तो असहनीय दर्द होता है। इस अवस्था को मेडिकल भाषा में प्ल्यूराइटिस कहते हैं। यह प्ल्यूराइटिस
छाती में पानी इकट्ठा होने का
शुरूआती संकेत है।
देश में प्ल्यूराइटिस का ज्यादातर कारण टीबी का इंफेक्शन होता है। लोग छाती दर्द के लिए दर्द निवारक गोलियों का सेवन करते रहते हैं और सही जाँच व इलाज के अभाव में समस्या
को और गंभीर बना देते हैं। अगर
प्ल्यूराइटिस की
समस्या को सही समय पर नियंत्रित न किया गया तो छाती में फेफ़डे के चारों ओर पानी इकट्ठा हो जाता है। टीबी के अलावा न्यूमोनिया का इंफेक्शन भी इस अवस्था को पैदा कर देता
है। इस तरह की समस्या पर किसी
थोरेसिक सर्जन
यानी चेस्ट सर्जन से परामर्श लें।
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